Thursday, 11 June 2015

गरमागरम समोसे खाओ

*गरमागरम समोसे खाओ*
...आनन्द विश्वास
आओ   बाबू, लाला  आओ,
गरमागरम  समोसे  खाओ।
काजू, किसमिश, मेवे वाला,
धनियाँ मटर पुदीना डाला।
आलू  इसमें  शिमले  वाला,
डाला इसमें गरम मसाला।
मीठी  चटनी  डली  हुई है,
तीखी  मिर्ची  तली  हुई है।
मस्त  कचौड़ी  काँदे  वाली,
खस्ता  और  मसाले  वाली।
देशी घी  की  आलू टिकिया,
मन भाए तो खाना बिटिया।
छोले    और   भटूरे   खाओ,
बड़ा-पॉव  है   खाते  जाओ।
दही बड़े  खुद  आकर  देखो,
मन भाए  तो  खाकर  देखो।
देखो, इसकी लाइन बड़ी है,
सारी पब्लिक यहीं खड़ी है।
चटनी - पूरी,  पानी - पूरी,
बिन इसके तो चाँट अधूरी।
पेट आपका  जब  भर जाए,
कायम चूरन साथ निभाए।
इडली, ढोसा, पीज़ा, बर्गर,
पैक करा लो खाना घर पर।

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...आनन्द विश्वास
 सभी चित्र गूगल से साभार





2 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (13-06-2015) को "जुबां फिसलती है तो बहुत अनर्थ करा देती है" { चर्चा अंक-2005 } पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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